Aim Specific हे तो कोई भी राह कठिन नहीं
लक्ष्य तय हो तो कोई भी राह कठिन नहीं , पढ़ें यह प्रेरणादायक सच्ची कहानी मुंबई के अमित शाह ने जब मार्बल का कारोबार करने की सोची , तब उनकी उम्र सिर्फ 19 साल थी। उन्होंने 1994 में क्लासिक मार्बल कंपनी बनाई और आज उस कंपनी में 900 कर्मचारी काम कर रहे हैं। उनका मार्बल ग्रेनाइट 66 देशों में निर्यात किया जाता है। शाह के लिए यह राह आसान नहीं थी , लेकिन उनका मानना है कि जब मंजिल तय कर ली हो तो रास्ता बदलने में कोई हर्ज नहीं है। शाह ने शुरुआत में पाया कि भारत में स्टोन मार्बल इंडस्ट्री संगठित नहीं है। उन्होंने इस खामी को मौके की तरह लिया और सफलता की सीढ़ियां चढ़ते चले गए। सफलता का शॉर्टकट नहीं : शाह ने मार्बल इंडस्ट्री में झंडे गाड़ने के लिए कोईछोटा रास्ता नहीं अपनाया। उन्होंने पहले एक व्यापारी के तौर पर ट्रेडिंग शुरू की और दुनियाभर के खरीदारों की पसंद-नापसंद , प्राथमिकताओं को समझा। मा...